जिंदगी में जब कोई बड़ी बीमारी दस्तक देती है, तो इंसान का शरीर बाद में टूटता है, उसका हौसला और जमा-पूंजी पहले टूट जाती है। अस्पताल के सफेद बेड पर लेटे मरीज के परिजन की आँखों में बीमारी का डर कम और बिल का खौफ ज्यादा होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि एक मिडिल क्लास या गरीब परिवार अपनी जीवन भर की कमाई सिर्फ एक हफ्ते के अस्पताल के चक्कर में खो देता है? बिहार में यह कहानी बहुत आम है। खेत बिक जाते हैं, गहने गिरवी रखे जाते हैं, सिर्फ इसलिए ताकि घर का कोई अपना बच जाए। लेकिन, अब शायद हवा बदल रही है।
अगर आप बिहार के निवासी हैं, तो Bihar CM Jan Arogya Yojana (मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना) आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने उन लाखों परिवारों को सुरक्षा घेरे में ले लिया है, जो अब तक सरकारी मदद से वंचित थे। आज हम इस योजना की एक-एक परत खोलेंगे। बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे कि अगर आपके पास Ayushman Card नहीं है, तो भी आप 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज कैसे पा सकते हैं। यह आर्टिकल थोड़ा लंबा हो सकता है, लेकिन इसका एक-एक शब्द आपके और आपके परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लिखा गया है।
चलिए, तसल्ली से समझते हैं।

🏥 आखिर क्या है Bihar CM Jan Arogya Yojana?
सबसे पहले यह कन्फ्यूजन दूर करते हैं कि केंद्र सरकार की योजना क्या है और बिहार सरकार की योजना क्या है। हम सब जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Ayushman Bharat Yojana (PM-JAY) चलाई थी। इसमें गरीब परिवारों को साल का 5 लाख रुपये का इलाज मुफ्त मिलता है। लेकिन इसमें एक बहुत बड़ी समस्या थी। समस्या यह थी कि आयुष्मान भारत की लिस्ट 2011 की जनगणना (Census) के आधार पर बनी थी। यानी, जो लोग 2011 में गरीब थे, सिर्फ उनका नाम लिस्ट में था। लेकिन पिछले 10-12 सालों में लाखों नए परिवार बने, कई लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हुई, लेकिन उनका नाम लिस्ट में नहीं चढ़ पाया।
बिहार में ऐसे करोड़ों लोग थे जिनके पास Ration Card तो था (यानी वो गरीब थे), लेकिन उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा था क्योंकि लिस्ट में नाम नहीं था। इसी गैप को भरने के लिए बिहार सरकार ने Mukhyamantri Jan Arogya Yojana शुरू की। इसका लॉजिक बहुत सिंपल है:
“अगर केंद्र की लिस्ट में आपका नाम नहीं है, लेकिन आपके पास बिहार का राशन कार्ड है, तो राज्य सरकार आपको अपने खर्च पर वही 5 लाख वाला कार्ड बनाकर देगी।”
सुविधाएं वही हैं, अस्पताल वही हैं, बस खर्चा केंद्र की जगह अब बिहार सरकार उठा रही है।
💎 इस योजना के 5 बड़े फायदे (Benefits)
अगर आप सोच रहे हैं कि “कार्ड बनवाकर क्या मिलेगा?”, तो यहाँ देखिये इस योजना की ताकत:
1. 5 लाख रुपये का “Health Wallet”
मान लीजिये यह एक डिजिटल बटुआ है जिसमें सरकार ने आपके परिवार के लिए 5 लाख रुपये रख दिए हैं। साल भर में अगर कोई बीमार पड़ता है, तो 5 लाख तक का खर्च इसी में से कटेगा। अगले साल यह फिर से 5 लाख हो जाएगा।
2. पूरा परिवार कवर (Family Floater)
इसमें कोई लिमिट नहीं है कि परिवार में कितने लोग होने चाहिए। अगर राशन कार्ड में 6 लोगों के नाम हैं, तो छह के छह लोग इसका फायदा उठा सकते हैं। चाहे बच्चा हो या बुजुर्ग, सब कवर्ड हैं।
3. प्राइवेट हॉस्पिटल्स में भी इलाज
ऐसा नहीं है कि आपको सिर्फ सरकारी अस्पताल (Sadar Hospital) में ही जाना होगा। बिहार और देश के हजारों बड़े Private Hospitals इस योजना से जुड़े हैं। आप अपनी मर्जी के अच्छे अस्पताल में इलाज करा सकते हैं।
4. Cashless सुविधा
यह सबसे जरूरी है। आपको अस्पताल में भर्ती होते समय एक भी रुपया जमा नहीं करना है। बस अपना कार्ड दिखाइए, और इलाज शुरू। बिल का पेमेंट सरकार सीधे अस्पताल को भेजेगी।
5. पहले की बीमारियां भी कवर
कई बिमा कंपनियां (Insurance Companies) कहती हैं कि पुरानी बीमारी कवर नहीं होगी। लेकिन इस सरकारी योजना में ऐसा नहीं है। अगर आपको कार्ड बनने से पहले से कोई बीमारी है, तो उसका इलाज भी पहले दिन से मुफ्त होगा।
📋 क्या आप इसके लिए Eligible हैं?
पात्रता (Eligibility) को लेकर बहुत से लोग कंफ्यूज रहते हैं। चलिए इसे क्लियर करते हैं।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए मूल रूप से दो शर्तें पूरी होनी चाहिए:
- बिहार का निवासी: आप बिहार के परमानेंट रहने वाले होने चाहिए।
- राशन कार्ड (Ration Card): आपके पास राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत बना हुआ राशन कार्ड होना चाहिए।
एक जरूरी बात:
यह योजना खास तौर पर उनके लिए है जिनका नाम PM-JAY (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) की लिस्ट में नहीं था। अगर आपका नाम पहले से PM-JAY में है, तो आपको यह अलग से बनवाने की जरूरत नहीं है, आपका पुराना कार्ड ही काम करेगा। दोनों कार्ड की पावर सेम है।
🧠 Concept Clear: यह कार्ड काम कैसे करता है?
बहुत से लोगों को लगता है कि कार्ड बनते ही पैसा खाते में आ जाएगा। नहीं, ऐसा नहीं है। इसे एक उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिये रमेश एक किसान है। उसके पास राशन कार्ड है। उसने अपना Jan Arogya Card बनवा लिया।
एक दिन रमेश के पिता जी को दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ता है।
- रमेश पिता जी को लेकर तुरंत एक ऐसे प्राइवेट अस्पताल में जाता है जो सरकार की लिस्ट में है।
- रिसेप्शन पर वह अपना Health Card और पिता जी का आधार कार्ड देता है।
- अस्पताल का कर्मचारी कार्ड चेक करता है और ब्लॉक कर देता है (यानी इलाज की मंजूरी ले लेता है)।
- पिता जी का ऑपरेशन होता है, दवाइयां मिलती हैं, खाना मिलता है और वो ठीक होकर घर आ जाते हैं।
- हस्पताल रमेश से एक रुपया नहीं मांगता। बिल 2 लाख का बना, जो सरकार ने चुका दिया।
तो यह कार्ड आपके Debit Card जैसा नहीं है जिससे आप पैसे निकाल सकें, बल्कि यह एक Pre-paid Coupon जैसा है जो सिर्फ बीमारी के समय अस्पताल में चलता है।
📝 कार्ड बनवाने का सही तरीका (Step-by-Step Process)
अब आप सोच रहे होंगे कि “भाई, सब समझ गए, अब ये बताओ कार्ड बनेगा कैसे?”। आपको दलालों के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं है। आप खुद या नजदीकी सेंटर जाकर यह काम करा सकते हैं।
तरीका 1: PDS डीलर (राशन की दुकान)
यह सबसे आसान तरीका है। जहाँ से आप हर महीने राशन लेते हैं, उस डीलर के पास एक मशीन (POS Machine) होती है। सरकार ने उन्हें भी ऑथराइज किया है।
- अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड लेकर जाइये।
- डीलर आपकी e-KYC करेगा (अंगूठा लगवाएगा)।
- अगर सब सही रहा, तो प्रोसेस पूरा हो जाएगा और कुछ दिन बाद कार्ड मिल जाएगा।
तरीका 2: CSC सेंटर (Common Service Center)
हर गाँव या पंचायत में Vasudha Kendra या CSC सेंटर होता है।
- वहां जाइये और कहिये “मुझे मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड बनवाना है”।
- वो चेक करेंगे कि राशन कार्ड डेटाबेस में आपका नाम मैप है या नहीं।
- अगर नाम है, तो वो आपका फोटो खींचेंगे, फिंगरप्रिंट लेंगे और अप्लाई कर देंगे।
तरीका 3: खुद ऑनलाइन चेक और अप्लाई (Tech-Savvy लोगों के लिए)
अगर आप मोबाइल चलाना जानते हैं, तो Ayushman App डाउनलोड करें।
- Login as Beneficiary चुनें।
- State में ‘Bihar’ चुनें।
- Scheme में ‘MMJAY’ (Mukhyamantri Jan Arogya Yojana) चुनें।
- अपना Ration Card नंबर डालें।
- अगर लिस्ट खुल जाती है, तो आप आधार OTP के जरिये e-KYC करके कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
Ref Link: (आप अपनी पात्रता यहाँ चेक कर सकते हैं: https://beneficiary.nha.gov.in)

⚠️ कौन से Documents साथ ले जाने हैं?
जब भी कार्ड बनवाने जाएं, यह कागज जरूर साथ रखें, नहीं तो लौटना पड़ सकता है:
- Aadhaar Card: (जिसका कार्ड बनना है, उसका आधार। इसमें नाम और उम्र सही होनी चाहिए)।
- Ration Card: (ओरिजिनल या फोटोकॉपी)।
- Mobile Number: (जो आधार से लिंक हो, ताकि OTP आ सके। अगर लिंक नहीं है, तो फिंगरप्रिंट से काम चल जाएगा)।
🚫 अक्सर होने वाली गलतियां और उनका समाधान
ग्राउंड लेवल पर देखा गया है कि लोग कुछ गलतियां करते हैं जिससे उनका कार्ड नहीं बनता या इलाज के समय दिक्कत आती है।
- नाम में अंतर (Name Mismatch): राशन कार्ड में नाम “Mohan Kumar” है और आधार में “Mohan Singh”। ऐसी स्थिति में सिस्टम रिजेक्ट कर देता है।
- समाधान: पहले आधार कार्ड में सुधार करवाएं या एफिडेविट (Affidavit) की जानकारी लें।
- पूरे परिवार का न बनवाना: अक्सर घर का मुखिया सिर्फ अपना कार्ड बनवाता है।
- सलाह: परिवार के हर सदस्य (नवजात बच्चे का भी) का कार्ड अलग-अलग बनता है। सबका बनवाएं।
- एक्टिव न होना: कार्ड बनने के बाद उसे एक बार डाउनलोड करके जरूर देखें। कभी-कभी कार्ड प्रिंट तो हो जाता है लेकिन सिस्टम में एक्टिव नहीं होता।
चीजों को और आसान बनाने के लिए, यह चार्ट देखें:
किसे मिलेगा लाभ?
- हर राशन कार्ड धारक परिवार (Bihar)
- जिसका नाम PMJAY लिस्ट में नहीं है
हस्पताल में क्या फ्री है?
- बेड चार्ज
- डॉक्टर की फीस
- महंगी जांचें (MRI, CT Scan आदि)
- दवाइयां और इंजेक्शन
- मरीज का खाना
क्या कवर नहीं है?
- OPD (सिर्फ डॉक्टर को दिखाकर घर आ जाना)
- विटामिन या टॉनिक (जब तक डॉक्टर न लिखे)
- कॉस्मेटिक सर्जरी
❓ पाठकों के सवाल (FAQs)
Q1: क्या इस कार्ड से बिहार के बाहर इलाज हो सकता है?
Ans: जी हाँ, बिल्कुल। यह कार्ड “पोर्टेबल” है। अगर आप दिल्ली, मुंबई या वेल्लोर के किसी ऐसे अस्पताल में जाते हैं जो Ayushman Bharat पैनल में है, तो वहां भी यह कार्ड काम करेगा।
Q2: मेरे पास राशन कार्ड नहीं है, तो क्या करूँ?
Ans: फिलहाल यह स्कीम राशन कार्ड से जुड़ी है। आपको पहले अपना राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। उसके बाद ही आप इस हेल्थ स्कीम के लिए एलिजिबल होंगे।
Q3: अगर अस्पताल कार्ड लेने से मना कर दे?
Ans: यह गैर-कानूनी है। आप तुरंत 104 (बिहार हेल्पलाइन) या 14555 (नेशनल हेल्पलाइन) पर कॉल करके शिकायत करें। ऐसे अस्पतालों का लाइसेंस रद्द हो सकता है।
Q4: कार्ड बनवाने की कोई फीस लगती है क्या?
Ans: सरकारी अस्पतालों में यह बिल्कुल फ्री है। CSC सेंटर या प्राइवेट दुकान पर कार्ड प्रिंटिंग के लिए 10-20 रुपये का मामूली चार्ज लिया जा सकता है। इससे ज्यादा कोई मांगे तो न दें।
“बिहार सरकार ने राशन कार्ड को ही आपका ‘हेल्थ कार्ड’ बना दिया है—देर मत कीजिये, आज ही अपना अधिकार पाइये।”
दोस्तों, Bihar CM Jan Arogya Yojana सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि मुसीबत के समय आपका सच्चा साथी है। बीमारी कभी पूछकर नहीं आती। जब जेब में पैसे नहीं होते और घर का कोई अपना दर्द से तड़प रहा होता है, तब समझ आता है कि स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) की कीमत क्या है। सरकार आपको यह सुरक्षा मुफ्त में दे रही है। आपको बस थोड़ी सी जागरूकता दिखानी है।
मेरी सलाह:
इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद, सबसे पहले अपना राशन कार्ड चेक करें। घर के बुजुर्गों और बच्चों को साथ लेकर नजदीकी केंद्र जाएं और सबका कार्ड बनवा लें। यह कागज का टुकड़ा आपकी जमा-पूंजी और जमीन को बिकने से बचा सकता है। जागरूक बनें, स्वस्थ रहें!
(Disclaimer: योजना के नियम समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं। फाइनल डिसीजन और ताजा जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी कार्यालय से संपर्क करें।)
📩Note: JankariSeva
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